Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी में भाजपा की हार को लेकर निशाना साधते हुए इसे पार्टी का ‘फ्लॉप शो’ बताया। एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने दावा किया कि इन नतीजों ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तस्वीर का संकेत दे दिया है और प्रदेश में अगली सरकार पीडीए की बनेगी। अखिलेश का भाजपा पर तंज अखिलेश यादव ने वाराणसी में मतगणना का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा को पहले काउंटिंग और फिर री-काउंटिंग में भी हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसे ‘डबल इंजन की डबल हार’ करार दिया। सपा प्रमुख के मुताबिक, इन चुनावों में पढ़े-लिखे बेरोजगार स्नातकों और अपने भविष्य को लेकर चिंतित युवाओं ने भी भाजपा के खिलाफ अपना फैसला सुनाया है। उन्होंने चुनाव परिणामों को भाजपा की शिक्षा और शिक्षक समुदाय से जुड़ी नीतियों के खिलाफ जनादेश बताया। हालांकि, ये टिप्पणियां अखिलेश यादव की राजनीतिक प्रतिक्रिया और दावे हैं। 95 प्रतिशत जनाधार का दावा सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों से समाज के अलग-अलग वर्गों में नाराजगी बढ़ रही है। उनके मुताबिक, पीड़ित और उपेक्षित महसूस करने वाले लोग एकजुट हो रहे हैं और पीडीए का जनाधार 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सपा के अनुसार, पीडीए का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग है। अखिलेश ने भाजपा के भीतर कथित गुटबाजी पर भी तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार तलाशने में मुश्किल हो रही है। उनके शब्दों में, भाजपा पहले सर्वे करा रही थी, लेकिन अब दूरबीन से प्रत्याशी खोज रही है। सपा प्रत्याशियों को बधाई अखिलेश यादव ने चुनाव जीतने वाले सपा प्रत्याशियों को बधाई दी। साथ ही उन उम्मीदवारों का भी समर्थन किया, जिन्हें उन्होंने कथित चालबाजी और हेराफेरी के कारण हारने वाला बताया। उन्होंने कहा कि प्रमाणपत्र न मिलने के बावजूद ऐसे प्रत्याशी उनके लिए विजेता हैं। सपा प्रमुख ने शिक्षकों, युवाओं और उन कार्यकर्ताओं का आभार जताया, जिन्होंने मतदान के साथ मतगणना के दौरान भी निगरानी रखी। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विधान परिषद चुनावों के ये नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव में भी असर दिखाएंगे? ये भी पढ़ें: MLC चुनाव में किसका चला जादू, कहां BJP को झटका? पढ़ें 28 सीटों की पूरी विनर लिस्ट